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Showing posts from October, 2019

DAILY PANCHANG

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पं चांग 01 नवंबर 2019    विक्रमी संवत्ः  2076,  शक संवत्ः  1941,  मासः  कार्तिक़,  पक्षः  शुक्ल पक्ष,  तिथिः  पंचमी रात्रि 12.51 तक है,  वारः  शुक्रवार,  नक्षत्रः  मूल रात्रि 09.52 तक है,  योगः  अतिगण्ड प्रातः 07.57 तक,  करणः  बव,  सूर्य राशिः  तुला,  चंद्र राशिः  धनु,  राहु कालः  प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक,  सूर्योदयः  06.37,  सूर्यास्तः  05.32 बजे। नोटः  आज ज्ञान व जया पंचमी व्रत है। विशेषः  आज पश्चिम दिशा की यात्रा न करें। शुक्रवार को अति आवश्यक होने पर सफेद चंदन, शंख, देशी घी का दान देकर यात्रा करें। Panchang 01 November 2019 Vikram Era:  2076,  Saka Era : 1941,  Month : Kartik,  Paksha : Shukla,  Tithi : Panchami till 12.51 pm night,  Day : Friday,  Nakshatra : Mula till 09.52pm,  Yoga : Atiganda till 07.57am,  Karana : Bava  Sun Sign:  Libra,  Mo...

DAILY PANCHANG

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पं चांग 31 अक्टूबर 2019    विक्रमी संवत्ः  2076,  शक संवत्ः  1941,  मासः  कार्तिक़,  पक्षः  शुक्ल पक्ष,  तिथिः  चतुर्थी रात्रि 01.02 तक है,  वारः  गुरूवार,  नक्षत्रः  ज्येष्ठा रात्रि 09.31 तक है,  योगः  शोभन प्रातः 09.42 तक,  करणः  वणिज,  सूर्य राशिः  तुला,  चंद्र राशिः  वृश्चिक,  राहु कालः  दोपहर 1.30 से 3.00 बजे तक,  सूर्योदयः  06.34,  सूर्यास्तः  05.33 बजे। विशेषः  आज दक्षिण दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर गुरूवार को दही पूरी खाकर और माथे में पीला चंदन केसर के साथ लगाये और इन्हीं वस्तुओं का दान योग्य ब्रह्मण को देकर यात्रा करें। Panchang 31 October 2019 Vikram Era:  2076,  Saka Era : 1941,  Month : Kartik,  Paksha : Shukla,  Tithi : Chaturthi till 01.02 am (night),  Day : Thursday  Nakshatra : Jyeshta till 09.31 pm,  Yoga : Shobhan till 09.42 am,  Karana : Vanija  Su...

DAILY PANCHANG

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पं चांग 18 अक्टूबर 2019    विक्रमी संवत्ः  2076,  शक संवत्ः  1941,  मासः  कार्तिक़,  पक्षः  कृष्ण पक्ष,  तिथिः  चतुर्थी प्रातः 7.29 तक है,  वारः  शुक्रवार,  नक्षत्रः  रोहिणी सांय 04.59 तक है,  योगः  वरीयान रात्रि 03.22 तक,  करणः  बालव,  सूर्य राशिः  तुला,  चंद्र राशिः  वृष,  राहु कालः  प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक,  सूर्योदयः  06.27,  सूर्यास्तः  06.44 बजे। विशेषः  आज पश्चिम दिशा की यात्रा न करें। शुक्रवार को अति आवश्यक होने पर सफेद चंदन, शंख, देशी घी का दान देकर यात्रा करें। Panchang 18 October 2019 Vikram Era:  2076,  Saka Era : 1941,  Month : Kartik,  Paksha : Krishna,  Tithi : Chaturthi till 07.29am,  Day : Friday,  Nakshatra : Rohini till 04.59pm,  Yoga : Variyana till 03.22 am(night),  Karana : Balava  Sun Sign:  Libra,  Moon Sign : Taurus,  Rahu Kaal...

DAILY PANCHANG

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पं चांग 17 अक्टूबर 2019    विक्रमी संवत्ः  2076,  शक संवत्ः  1941, मासः  कार्तिक़,  पक्षः  कृष्ण पक्ष,  तिथिः  तृतीया (की वृद्धि है जो कि गुरूवार को प्रातः 6.49 तक है),  वारः  गुरूवार,  नक्षत्रः  कृतिका अपराहन् 03.52 तक है,  योगः  व्यातिपात रात्रि 04.14 तक,  करणः  विष्टि,  सूर्य राशिः  तुला,  चन्द्र राशिः  वृष,  राहु कालः  दोपहर 1.30 से 3.00 बजे तक,  सूर्योदयः  06.27,  सूर्यास्तः  05.45 बजे। नोटः  आज करवा चैथ व्रत है। विशेषः  आज दक्षिण दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर गुरूवार को दही पूरी खाकर और माथे में पीला चंदन केसर के साथ लगाये और इन्हीं वस्तुओं का दान योग्य ब्रह्मण को देकर यात्रा करें। Panchang 17 October 2019 Vikram Era:  2076,  Saka Era : 1941,  Month : Kartik,  Paksha : Krishna,  Tithi : Tritiya till 06.49am,  Day : Thursday,  Nakshatra : Kritika till 03.52pm,  Yoga : Vyat...

Daily Punchang

पंचांग 04 सितंबर 2019    विक्रमी संवत्ः 2076, शक संवत्ः 1941, मासः भाद्रपद़, पक्षःशुक्ल पक्ष, तिथिः षष्ठी रात्रि 09.45 तक, वारः बुधवार, नक्षत्रविशाखाः रात्रि 04.07 तक है, योगः ऐन्द्र र...

ASTROLOGY

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नीलम (BLUE SAPPHIRE) नीलम सतोगुणी रत्न है। यह सभी प्रकार के बुरे ग्रहों से बचाता है और ध्यान को आध्यात्मिक पूजा पर केंद्रित रखता है और सही निर्णय लेता है। नीलम दर प्रति रत्ती। ।न्यूनतम - 1500 रु। अधिकतम - 5500 रु। भारत का नीलम सबसे अच्छा है , जिसे कश्मीर राज्य में जम्मू की सीमा में नीलाम खानों से लगभग 15 हजार वर्ग फीट की ऊंचाई से निकाला जाता है। इस हिस्से में हमेशा बर्फ रहती है। धारण विधि:- नीलम को 8 रत्ती से लेकर 11 रत्ती तक और उससे अधिक पहनना और भी लाभदायक है। इसे नीलम , चांदी या पंचधातु के अंगूठे में धारण करना चाहिए। शनिवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद , एक बर्तन में पानी , कच्चा दूध और मीठा डालें और कमल के पानी में अंगूठी भी डालें। भगवान शंकर या पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें और अंगूठी को उठाकर मध्यमा उंगली में धारण करें। नीलम रत्न दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता है। Sapphire  is the Satoguni gem. It protects from all kinds of evil planets and keeps meditation focused on spiritual worship and makes right decisions. Sapphire Rate per ratty. Minimum – 1500 ...

DAILY PANCHANG

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पं चांग 16 अक्टूबर 2019     विक्रमी संवत्ः  2076,  शक संवत्ः  1941,  मासः  कार्तिक़,  पक्षः  कृष्ण पक्ष,  तिथिः  तृतीया (की वृद्धि है जो कि गुरूवार को प्रातः 6.49 तक है),  वारः  बुधवार,  नक्षत्रः  भरणी दोपहर 02.21 तक है,  योगः  सिद्धि रात्रि 04.45 तक,  करणः  वणिज,  सूर्य राशिः  कन्या,  चंद्र राशिः  मेष,  राहु कालः  दोपहर 12.00 बजे से 1.30 बजे तक,  सूर्योदयः  06.26,  सूर्यास्तः  05.46 बजे। विशेषः  आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर बुधवार को राई का दान, लाल सरसों का दान देकर यात्रा करें। Panchang 16 October 2019 Vikram Era:  2076,  Saka Era : 1941,  Month : Kartik,  Paksha : Krishna,  Tithi : Tritiya till 06.49am,  Day : Wednesday,  Nakshatra : Bharani till 02.21pm,  Yoga : Siddhi till 04.45 am (night),  Karana : Vanija  Sun Sign:  Virgo,  Moon Sign : Aries...

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पं चांग 15 अक्टूबर 2019    विक्रमी संवत्ः  2076,  शक संवत्ः  1941,  मासः  कार्तिक़,  पक्षः  कृष्ण पक्ष,  तिथिः  द्वितीया प्रातः 05.45 तक,  वारः  मंगलवार,  नक्षत्रः  अश्विनी दोपहर 12.30 तक है,  योगः  वज्र रात्रि 05.00 तक,  करणः  तैतिल,  सूर्य राशिः  कन्या,  चंद्र राशिः  मेष,  राहु कालः  अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक,  सूर्योदयः  06.26, सूर्यास्तः  05.47 बजे। विशेषः  आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें। Panchang 15 October 2019 Vikram Era:  2076,  Saka Era : 1941,  Month : Kartik,  Paksha : Krishna,  Tithi : Dwitiya till 05.45am,  Day : Tuesday,  Nakshatra : Ashwini till 12.30pm,  Yoga : Vajra till 05.00 am(night),  Karana : Taitila  Sun Sign:  Virgo,  Moon Sign : Aries,  Rahu Kaal : From 03.00...
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पुखराज (Topaz) पुखराज व्यापार में सम्मान , धन और संपत्ति और उन्नति प्रदान करता है। विवाह के संबंध में मधुर व्यवहार उत्पन्न करता है। पुखराज दर प्रति रत्ती न्यूनतम - 1500 रु। अधिकतम - 5500 रु। ज्योतिष में , पुखराज को देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक माना जाता है। इनके प्रयोग से दांपत्य जीवन में मधुरता पैदा होती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पुखराज रोग नाशक प्रसिद्धि और पराक्रम की वृद्धि करने वाला होता है , आयु और धन में वृद्धि करने वाला माना जाता है , सांसारिक सुख और दीर्घायु प्राप्त करता है , यदि विवाह में देरी हो रही है , तो यह जल्दी और सुलभ हो जाता है। जो लोग गृहस्थ जीवन को खुशहाल बनाना चाहते हैं , उन्हें असली पुखराज पहनना चाहिए। पुखराज पहनने वाले लोगों की प्रतिष्ठा दिनों-दिन बढ़ती है , उत्साह बना रहता है , काम किया जाता है , यह लेखकों , वकीलों , बुद्धिजीवियों के लिए बहुत फायदेमंद है पुखराज के गुरु गुरु ब्रहस्पति हैं। गुरु किसी का बुरा नहीं चाहते। भाई बहन , माता-पिता , परिवार , पति और पत्नी का प्यार सभी रिश्तों में बढ़ता है। गुरु होने के कारण , ऋषि महात्मा भी इसे पहन सकते ...

DAILY PANCHANG

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पं चांग 14 अक्टूबर 2019     विक्रमी संवत्ः  2076,  शक संवत्ः  1941,  मासः  कार्तिक़,  पक्षः  कृष्ण पक्ष,  तिथिः  प्रतिपदा रात्रि 04.21 तक,  वारः  सोमवार,  नक्षत्रः  रेवती प्रातः 10.20 तक है,  योगः  हर्ष रात्रि 04.58 तक,  करणः  बालव,  सूर्य राशिः  कन्या,  चंद्र राशिः  मीन,  राहु कालः  प्रातः 7.30 से प्रातः 9.00 बजे तक,  सूर्योदयः  06.25,  सूर्यास्तः  05.48 बजे। नोटः  आज प्रातः 10.20 से पंचक समाप्त हो रहे हैं। विशेषः  आज पूर्व दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर सोमवार को दर्पण देखकर, दही, शंख, मोती, चावल, दूध का दान देकर यात्रा करें। Panchang 14 October 2019 Vikram Era:  2076,  Saka Era : 1941,  Month : Kartik,  Paksha : Krishna,  Tithi : Pratipada till 04.21 am (night),  Day : Monday,  Nakshatra : Revati till 10.20am,  Yoga : Harsh till 04.58 am (night),  Karana : Balava...
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                शरद पूर्णिमा शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करता है। शरद पूर्णिमा का चंद्रमा और स्पष्ट आकाश मानसून के पूर्ण प्रस्थान का प्रतीक है। यह दिन इतना शुभ और सकारात्मक होता है कि छोटे - मोटे उपायों से बड़ी विपदाएं टल जाती हैं। धन प्राप्ति के लिए यह तिथि श्रेष्ठ मानी गई है। शरद पूर्णिमा का महत्व शरद पूर्णिमा की रात को आसमान के नीचे खीर रखने की भी परंपरा है। इस दिन लोग खीर बनाते हैं और फिर 12 बजे के बाद इसे प्रसाद के रूप में सजाते हैं। इस दिन चंद्रमा आकाश से अमृत की वर्षा करता है , इसलिए खीर भी अमृत बन जाती है। यह अमृत का हलवा कई बीमारियों को दूर करने की शक्ति रखता है। Sharad Purnima शरद पूर्णिमा कब है ? अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है . इस साल शरद पूर्णि...